नुक्कड़ नाटक: The Classroom – “Competition Se Pehle Compassion!”
दृश्य 1 : The Classroom – “Competition Se Pehle Compassion!”
(क्लास रूम का दृश्य। बच्चों के रिपोर्ट कार्ड आ चुके है। बच्चे साथ खड़े है और उनके टीचर्स भी साथ खड़े है। )
एक टीचर: तुम बच्चे हो इस स्कूल की जान, अच्छे नंबर लाकर दी है तुमने इस स्कूल को पहचान
सब बच्चों congratulate करते है।
टीचर: अरे अर्जुन, तू क्यों लगता उदास है, मार्कशीट नही तेरे पास है।
(फिर रिजल्ट चेक करके कहते है): इस साल के इस रिजल्ट में टीना है टॉप और अर्जुन हुआ है फ्लॉप
सब बच्चे खिलखिलाते है। लोग तालियां बजा रहे
मोना: (हंसते हुए) इसकी मार्कशीट में नहीं है दम, हर सब्जेक्ट में है इसके नंबर कम
टीचर: शरारत में लगता ध्यान है, स्कूल तुझसे परेशान है। नाक में कर देता है दम, और नंबर भी लाया है इतने कम
(सचिन सर झुकाके खड़ा है) (सभी हंस रहे है)
टीना: sorry सर क्या मैं कुछ बोल सकती हूं।
टीचर: बिल्कुल बच्चा, तेरी बातों के तो सब है कायल, तू ही तो है इस क्लास की गूगल।
टीना: जब हम सभी बच्चे है स्कूल की जान,
हम सभी से है इसकी पहचान,
तो क्या ठीक होगा हममें प्रतिस्पर्धा का भाव,
और सामंजस्य-सद्भाव का अभाव
टीचर: वाह टीना, तुम्हारे पास न सिर्फ ज्यादा नंबर है बल्कि ज्यादा सदगुण भी है। तुम हर टेस्ट में पास हुई हो।
जब हम सब मिलकर चलते है, मिलकर सीखते है, मिलकर रहते है तो हम सबको मिलकर खुद में से किसी पर हंसना नहीं चाहिए बल्कि मिलकर सबको साथ आगे बढ़ाने की पहल करनी चाहिए।
मोना: सारी टीचर
प्रिंसिपल:
पारले स्कूल यह बगिया है हमारी
सुंदर सुंदर फूलों से खिलती है क्यारी
सबके होते है अलग अलग रंग और ढंग
सबको मिलाकर ही बनता है यह उपवन
अगर किसी डाली पर नहीं उगे है फूल
खाद पानी और स्नेह में कमी की है भूल
हर पौधा हो फूलों से गुलजार
तभी तो आयेगी उपवन में बहार
बाकी सभी बच्चे अर्जुन को चारों ओर से घेरकर:
सुनो सुनो और जागो सब,
पास आओ मत भागो सब,
बातों में है दम - बोलो वंदे मातरम,
साथ रहे हरदम, खुशियां हो या ग़म
रखे fair competition
with lots of compassion
जीने का ढंग - सिखलाते है हम
बोलो वंदे मातरम - वंदे मातरम
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प्रियदर्शी प्रतीक
23.11.2025
काशी
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