"मन मार के जियो" अध्याय 3
सत्य की खोज मे पागल पथिक की सारी जिज्ञासा और अभिलाषा उस समय दम तोड देती हैं, जब बाबा रामदेव के सिखलाये योगासन कि मुद्रा में बैठे हुए; ईश्वर से साक्षात्कार कि उम्मीद से सांसे ऊपर-नीचे करते हुए याद आता है कि नेट पॅक तो डलवाया ही नहीं, Whats App पर मैसेज आते होंगे। दुनियावी जरूरते अक्सर आध्यात्मिक उम्मीदों का गला घोंट देती हैं। दद्दा से बात करके, कुछ ऐसी अवस्था में ही बड़की भौजी को लहरदार चुनरी ओढ़े पूजा की डलिया लेकर मंदिर की ओर जाते देखकर, लगभग वो अवस्था प्राप्त हो गयी जिसे शायद किसी धर्म में कैवल्य कहते हैं। सकुचाते कदमो से भौजी की तरफ कूच करते हुए, हमने प्रणाम निवेदित कर दिया। जीते रहो बबुवा, कंहाँ दुनिया POKEMON GO के पीछे भाग रही हैं, गली गली में ढूंढ रही हैं और तुम दद्दा के चक्कर में पड़े हुए हो। भौजी ज्ञान देते हुए बोली- दद्दा जितनी समझ तो Face Book दे देता हैं। वैसे बात तो मार्के की हैं। भौजी कैसे इतनी अपडेट रहती हैं ये हम अभी तक समझ नहीं पाए थे। और क्या बताये, भौजी को जवाब देने का दिल नहीं करता। लगता ...