छल का अन्नानास Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - June 03, 2020 {सोचा समझा छल था, हुआ ना ये अनायास था} {बारूद ही था परोसा, बस शक्ल से अन्नानास था} (1) पाशविकता का विशेषण हमने जना है मानवीयता को अलंकृत कर रखा है मृत्यु भय, ममता से कातर एक पशु ने उच्... Read more