सोशल नेटवर्किंग की माया

हम सामाजिक प्राणी हैं
समाज में अपनी वर्किंग
y2k के बाद जगत में
आई सोशल नेटवर्किंग

दुनिया भर के टीम टाम
हर बात की होती चर्चा
नाम अगर ऊंचा करना
संभालो सोशल नेटवर्किंग का मोर्चा

सामाजिकता के पाठ में हमें
अब फेसबुक है पढ़ाता
दुनिया भर से गुड मॉर्निंग
व्हाट्सएप लेकर है आता

जन्मदिवस की शुभकामना
उपलब्धि की खुशियां
व्हाट्सएप फेसबुक टि्वटर त्रिवेणी
खूब चले गलबहियां

देखभाल कर निरख निरख कर
मित्र बहुत थे जोड़ें
सोशल नेटवर्किंग की दुनिया
घूमे हो कर चौड़े

चित्र कभी जब रुचिकर आया
भाव खुशी का मन में छाया
किया शेयर जब नेटवर्किंग पर
आह्लादित मन मुंह को आया

इतनी रुचिकर थी टिप्पणियां
मनमोहक लाइक्स की झड़ियां
रही ना सीमा मेरे आनंद की
दिल में खूब छुटी फुलझड़ियां

जीवन यो बढ़ता जाता था
मन में अपने यह आता था
काज करें ऐसे हम निशदिन
बढ़ती रहे सोशल नेटवर्किंग

एक दिन की बात सुनो अब
निकले वे सज धज कर
हाथों में रखे मोबाइल
नजर गड़ी फेसबुक पर

थोड़ी दूर चले थे आगे
पोस्ट कमेंट में जिया रमा के
ध्यान रहा ना, चेत सके ना
सांड मरकहा खड़ा था आगे

जाने क्या उसके मन आया
पटक के जी भर सिंग धँसाया
नजर पड़ी कुछ लोग थे आगे
वीडियो अपलोडन में लागे

होश रहा ना उन्हें कुछ घड़ी
आंख खुली तो भीड़ बड़ी
हाथ-हाथ दिखता मोबाइल
सबको चित्र लेने की पड़ी

नेटवर्किंग का ऐसा चस्का
लाइक्स में मन ऐसा भटका
जाने क्या सबके मन भाया
साइबर ने रियल(वास्तविक) को भुलाया

सोशल नेटवर्किंग की माया
लाईक्स ने मनुष्यत्व भुलाया
चिंता नही वास्तविक जन की
मनोरंजन करते नेटीजन की

किसी तरह फिर घर को आकर
मन का रोष मन ही में दबाकर
मन बहलाव की मन में लाकर
फेसबुक पर किया हाल उजागर

बहुतेरे कमैंट्स थे आए
लोगों ने दुख बहुत जताए
लेकिन उनका हाल पूछने
कमरे तक ना कोई आए

सोशल नेटवर्किंग का राजा
एकान्तिक कमरे में विराजा
दवा-दारू तो दूर की बात
कुशल-क्षेम को न कोई साथ

बात पुरानी सी लगती है
होते रिश्तेदार पड़ोसी
सोशल नेटवर्किंग की धुन है
रहे न मामा नाही मौसी

तब जाकर यह समझ में आया
सोशल नेटवर्किंग है माया
भले ही दिल इससे लगाएं
वास्तविकता को नहीं भुलाए

सोशल नेटवर्किंग में पड़कर
भूलेंगे गर दुनियादारी
वक्त पड़े जब रियल लाइफ में
काम न आये साइबर यारी

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प्रियदर्शी प्रतीक

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