प्रधानमंत्री उद्बोधन: सिविल सर्विस डे 2023

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सिविल सर्विसेज डे पर अपने जो विचार सबके सामने रखें, वह उत्कृष्ट हैं। सिविल सेवकों के काम और उनकी परिस्थितियों को बखूबी समझने वाला व्यक्ति ही ऐसे विचार रख सकता है।

मेरा ध्यान जिस बात ने आकृष्ट किया वह थी सरकारी सेवकों का आह्वान इस प्रकार से किया जाना की "देश ने आपको मौका दिया है"।

यह अपने आप में एक अनूठी बात है। अभी तक हम लोग जिन भावनाओं से मानसिकता से रूबरू होते रहे हैं, उसमें राज्य या संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाला व्यक्ति यह समझता रहा है कि उसने पद प्राप्त किया है।

इसमें कोई संदेह नहीं है की संघ या राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं अत्यंत दुष्कर होती हैं जिनमें सफलता पाना, एक कठिन तपस्या के पूरी होने के समान होता है। जो भी व्यक्ति वह सफलता पाता है उसे अपने श्रम पर गर्व करने का अधिकार तो मिलना ही चाहिए।

परंतु उसके अंदर यह भावना अवश्य होनी चाहिए कि उसे एक मौका दिया गया है जो इस देश के किसी अन्य व्यक्ति को भी दिया जा सकता था। साथ ही व्यक्ति जिस देश समाज में रहते हुए उत्तरोत्तर सफलता की सीढ़ियां चढ़ता है वह देश - समाज से कुछ न कुछ अवश्य सहयोग लेता है। यह सहयोग देश के संसाधन, व्यवस्था या शांति भी हो सकती है। व्यक्ति देश - समाज के संसाधनों का प्रयोग करता है। वैसे ही संसाधन, समय व परिस्थितियां यदि किसी अन्य व्यक्ति को मिली होती तो वह भी उस पद पर बैठा हो सकता होता।

ऐसे में यह सोच अवश्य होनी चाहिए कि हमें देश ने मौका दिया है। इसकी जगह इसकी जगह ज्यादातर सोच यह होती है कि हमने यह पद हासिल किया है। सिर्फ़ "हमने हासिल किया है" इस सोच के साथ सेवा में कदम रखने वाले अफसर धीरे-धीरे अपने को विशिष्ट समझते हुए विशिष्टता के ऐसे भाव से ग्रसित हो जाते हैं कि वह आम जनमानस की पीड़ा से वैसा सरोकार नहीं रख पाते, जैसा अपेक्षित होता है।

सोच का क्या प्रभाव पड़ता है व्यक्ति के कर्म पर, इसको हम एक उदाहरण के साथ समझ सकते हैं जो आमतौर पर हम अपने घर परिवार में देते रहते हैं। अक्सर हमने परिवार के बड़े बुजुर्गों को यह कहते हुए सुना होता है कि खाना अगर प्यार के साथ बनाया जाए तो उसका स्वाद अलग होता है।

यह निश्चित है कि सोच का असर कार्य पर होता ही होता है।ऐसे में यदि व्यक्ति इस सोच के साथ सेवा में रहे कि "देश ने मुझे मौका दिया है" तो उसके द्वारा किए गए कार्यों में इसकी झलक अवश्य दिखाई पड़ेगी।

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प्रियदर्शी प्रतीक
22.04.2023
दलसिंहसराय, समस्तीपुर

Link:- https://youtu.be/qtgxAbwEa9E


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