न्यायिक

बैठाये गए कुर्सी पर, नरेश की तरह
जनता समझ रही है, सुरेश की तरह
न्याय को संपुष्ट तभी कर सकेंगे हम
जीवन रहेगा गर किसी दरवेश की तरह।।









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