एक तेरे होने भर से
एक तेरे होने भर से ❤️❤️
ऋतु है, रंग है, हरियाली है, पानी है
एक तेरे होने भर से
मौसम की रवानी है।
मादकता है, उमंग है, एहसास है, कहानी है
एक तेरे होने भर से
जीवन है, जवानी है।
झरना है, तरंग है, मौजों की छेडख़ानी है
एक तेरे होने भर से
दुनिया कितनी रूमानी है।
मौका है, प्रसंग है, बात एक बतानी है
एक तेरे होने भर से
मेरी भी इक कहानी है।
-----
प्रियदर्शी प्रतीक
Comments