गौरैया
अंगना में चहके
इतराये-दुलराये
चह-चह, चह-चह
किलकाये गौरैया
बिटिया रानी संग
किलकारी भरे है,
मनवा मधुप जस
गुँजाये गौरैया
बिटिया रानी
मोरे अँगने की दुनिया मे
मनवा की बगिया
महकाये गौरैया
दुनिया बदल गयी
रस्मों में रीत मीत
जिंदगी में उलझी
कसमसाये गौरैया
जिंदगी के मौसम
ऐसो बदल गयो
नजर न अंगना में
आये गौरैया
बिटिया की बातें
संगी साथिन में रंगी
दुनिया से मेरी
उड़ती जाये गौरैया
आज भी अंगना में
छितरी है धूप
अंगना के कोने
में पानी की बतिया
मन ललचायें
उलझन में आये
सूनी सूनी अँखियों में
बिटिया-गौरैया
जिंदगी की धूप छाँव
आती है- जाती है
यादें तेरी
नही जाये गौरैया।
अंगना में चहके
इतराये-दुलराये
चह-चह, चह-चह
किलकाये गौरैया।।
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